Friday, July 24, 2009

जल संरक्षण







आज के समय मैं मे आवश्यकता है की हम अपने जीवन दाई जल को अमूल्य समझे



जल के बिना आप जीवन की कल्पना भी नही कर सकते क्योकि जल भोजन के पहले आता है और बाद मैं भी



आप यदि यह सोचते हैं की आप १२ रूपये खर्च करके मिनिरल वाटर की बोतल खरीद कर पि लेंगे यह आप का भ्रम



क्योकि जब धरती पर जल ही नही होगा मिनिरल वाटर कहाँ से आए गा



आज तनिक भी संभ्रांत में कमोडवाला शौचालय और नहाने के लिए बाथटब जरूर होता क्योकि यह एक मानक बन चुका है की आप अमीर हैं क्या वोह झुग्गी का रहने वाला नही नहाता है जो घंटो लाइन लगा कर दो या चार बाल्टी पानी लता है उसी में नहाना खाना कपड़े धोना सब कुछ करता आख़िर क्यों ?



क्योकि उसके हिस्से का पिने का पानी बाबूजी ने अपनी गाड़ी धोने में इस्तेमाल कर लिया कोठी की फर्श धो डाली



घर का स्वीमिंग पूल भर डाला क्योकि वोह भी उतना ही पैसा देते हैं जितना एक झुग्गी वाला देता है पुरा उपयोग करते है अपने पैसे का लेकिन क्या उन्होंने कभी सोचा की यह पानी सिमित मात्र में ही धरती में उपलब्ध है



आज जरुरत है हमें पानी बचने की आप लोगो से विनती है की ब्लॉग पर ज्वलंत संसाधन के दोहन पर प्रकास दल कर इनको बचाने की अपील करें






आप का अपना प्रकति प्रेमी



वायरस लवर ''बाबापंडित''

2 comments:

  1. jal sanchay karna har ek ka naitik kartavya
    banta hai.babapandit aapne is visay par pahal kar di hai. asha hai hum sabhi milkar 'jal sanchay ke bare me logo ko jagrup karage.


    Deepak

    ReplyDelete
  2. thank for best compiment mr.deepak

    ReplyDelete