Wednesday, July 29, 2009

ऐड्स जानकारी ही बचाव है




एक ऐड्स पीड़ित व्यक्ति


ऐड्स क्या है ?



आज कल आम आदमी के अन्दर एक डर सा बन गया है की ये मत करो वोह मत करो वरना ऐड्स हो जाए गा .परन्तु क्या किसी ने जानने की कोसिस की है कि ऐड्स क्या है यह कोई अकेली बीमारी नही है



यह बहुत सी छोटी छोटी बिमारियों का एक समूह है जो आप के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ही कम कर देता है और और आप बहुत बिमारियों से घिर जाते हैं अंत मैं आप कि मृत्यु होने पर ही आप का ऐड्स का अंत होता है






भारत मे १९९० के बाद ऐड्स का आकर सुरसा के मुह कि तरह बढ़ता ही जा रहा है तजा अनुमान के मुताबिक भारत मैं तक़रीबन 25 लाख के आस पास लोग इससे ग्रसित हैं जो रोजाना हजारों कि संख्या मैं बढता ही जा रहा है






ऐड्स फैलता है कैसे


1-ऐड्स सबसे ज्यादा फैलता है असुरक्षित सम्भोग के द्वारा .जब कोई व्यक्ति ऐड्स पीड़ित वेश्या या कोई अन्य महिला या पुरूष समलिंगी या जिगेलो (पुरूष वेश्या ) के संपर्क में


आता है तो ऐड्स के वायरस एक व्यक्ति के अंगो से होते हुए दुसरे व्यक्ति तक पहुँच जाता है और सुरु होती वायरस कालोनी के बनने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है

२.वायरस वाली माँ के स्तन पान से या जन्म लेने के समय पैदा हुए बच्चे के ऐड्स हो जाता है

३.संक्रमित व्यक्ति के साथ इस्तेमाल हुई सुई या आपरे सन में इस्तेमाल हुए औजारों से ऐड्स फैलता है

४.संक्रमित व्यक्ति का दान किया हुआ खून किसी व्यक्ति को देनें से उस व्यक्ति मैं ऐड्स फ़ैल जाता है


ऐड्स से बचाव

संयम और सुरक्षा ऐड्स से रक्षा ,कंडोम का प्रयोग करें ,एक पत्नी व्रत का पालन करें जहाँ तक सम्भव हो ,खून हमेसा ब्लड बैंक से ही ले जाँच ले , नए सुई का इस्तेमाल हर बार करें











Friday, July 24, 2009

जल संरक्षण







आज के समय मैं मे आवश्यकता है की हम अपने जीवन दाई जल को अमूल्य समझे



जल के बिना आप जीवन की कल्पना भी नही कर सकते क्योकि जल भोजन के पहले आता है और बाद मैं भी



आप यदि यह सोचते हैं की आप १२ रूपये खर्च करके मिनिरल वाटर की बोतल खरीद कर पि लेंगे यह आप का भ्रम



क्योकि जब धरती पर जल ही नही होगा मिनिरल वाटर कहाँ से आए गा



आज तनिक भी संभ्रांत में कमोडवाला शौचालय और नहाने के लिए बाथटब जरूर होता क्योकि यह एक मानक बन चुका है की आप अमीर हैं क्या वोह झुग्गी का रहने वाला नही नहाता है जो घंटो लाइन लगा कर दो या चार बाल्टी पानी लता है उसी में नहाना खाना कपड़े धोना सब कुछ करता आख़िर क्यों ?



क्योकि उसके हिस्से का पिने का पानी बाबूजी ने अपनी गाड़ी धोने में इस्तेमाल कर लिया कोठी की फर्श धो डाली



घर का स्वीमिंग पूल भर डाला क्योकि वोह भी उतना ही पैसा देते हैं जितना एक झुग्गी वाला देता है पुरा उपयोग करते है अपने पैसे का लेकिन क्या उन्होंने कभी सोचा की यह पानी सिमित मात्र में ही धरती में उपलब्ध है



आज जरुरत है हमें पानी बचने की आप लोगो से विनती है की ब्लॉग पर ज्वलंत संसाधन के दोहन पर प्रकास दल कर इनको बचाने की अपील करें






आप का अपना प्रकति प्रेमी



वायरस लवर ''बाबापंडित''